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जैसी हमारी दृष्टि, वैसी मानसिक सृष्टि

हमारी जो मानसिक सृष्टि है वो सिर्फ हमारे पेशे पर ही निर्भर नहीं होती बल्कि इस पर भी निर्भर होती है कि हमारा परिवार, संस…

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इच्छा और मेहनत के बीच का फर्क

“हर व्यक्ति जीवन में बहुत कुछ पाना चाहता है, लेकिन उसे पाने के लिए जितना प्रयास करना चाहिए, उतना प्रयास नहीं करता।” सिर्…

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व्यक्ति से व्यवस्था में परिवर्तन का आधार

कानून बनाने के साथ-साथ लोगों की सोच, समझ और जागरूकता में बदलाव होना भी जरूरी है। जब नागरिक स्वयं विकास और सामाजिक जिम्मे…

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लोकतांत्रिक जवाबदेही और शासन सुधार

जनता की शांतिपूर्ण आवाज़ को सुनना, कमियों को सुधारना और जनता के विश्वास के प्रति जिम्मेदार रहना ही लोकतांत्रिक शासन की प…

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फैसला आपका है।

मेरे प्यारे बच्चों, आप खुद तय कर सकते हैं कि आप पाखंड में शामिल होना पसंद करते हैं या एक जागरूक 'राष्ट्र कमांडर' बनना चा…

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सुकून की तलाश और मन की बेचैनी

सच्चा सुकून केवल बाहरी स्थान या परिस्थितियों से नहीं, बल्कि मन की शांति से मिलता है। महाकाल का द्वार सुकून का धाम है, ले…

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माँ पारम्बा भवानी” — प्रबन्धिका

“माँ पारम्बा भवानी” आदिशक्ति, चेतना और सृजन की मूल शक्ति का प्रतीक हैं । भाव यह है कि जीवन, समाज और राष्ट्र के निर्म…

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सुकून की तलाश

मनुष्य जीवन में सच्चे सुकून और शांति की तलाश में भटकता रहता है। कभी उसे लगता है कि किसी स्थान या व्यक्ति के पास पहुँचकर …

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गुरु दीक्षा और जीवन का मार्गदर्शन

गुरु दीक्षा का अर्थ केवल किसी गुरु से मंत्र या शिक्षा लेना नहीं है, बल्कि साधना, ज्ञान, अनुशासन और सही जीवन-पथ का मार्गद…

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गुरुजनों को नमन

गुरुजन केवल शिक्षा ही न दें, बल्कि ऐसी सजग और विवेकपूर्ण चेतना का विकास करें जिससे मनुष्य जीवन और समाज की विभिन्न परिस्थ…

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स्वतंत्र सोच की आवश्यकता

हर व्यक्ति की सोच अलग होती है। हम जो बात सबके सामने या सभी परिस्थितियों में सही समझते हैं, जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति भी उ…

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भयमुक्त समाज की स्थापना

हमें ऐसी व्यवस्था और समाज का समर्थन करना चाहिए, जहाँ हर नागरिक बिना भय और हिंसा के सुरक्षित जीवन जी सके। किसी भी व्यक्ति…

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