📰 सभी पोस्ट

कुल 19 पोस्ट उपलब्ध

सभी चैतन्य संदेशमानवाधिकारवृक्षारोपणश्री चेतन्य संदेशसंदेश

जैसी हमारी दृष्टि, वैसी मानसिक सृष्टि

हमारी जो मानसिक सृष्टि है वो सिर्फ हमारे पेशे पर ही निर्भर नहीं होती बल्कि इस पर भी निर्भर होती है कि हमारा परिवार, संस…

पढ़ें →

सार्वभौमिक समझ विकसित अभियान

श्रीचैतन्यराष्ट्र संघ के माध्यम से कोड यूनिटी लाइफ की प्राप्ति हो रही है — भ्रम आवरण निराकरण हो रहें हैं। संज्ञानसर्जरी …

पढ़ें →

आर्थिक आज़ादी ही असली आज़ादी है

यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी आजीविका कमाने की क्षमता, आर्थिक संसाधन और आत्मनिर्भरता है, तभी वह वास्तव में स्वतंत्र है। ल…

पढ़ें →

पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि

यदि हम अपने पूर्वजों की याद में मूर्तियाँ, स्मारक या अन्य निर्माण करने के बजाय फलदार पौधे और फलदार वृक्ष लगाना अपनी परंप…

पढ़ें →

मौलिक बुद्धि और कृत्रिम बुद्धिमत्ता

AI हमारी गति, कार्यक्षमता, ज्ञान तक पहुँच और काम करने की क्षमता को बढ़ा सकती है, लेकिन विवेक, नैतिक निर्णय, संवेदनशीलता …

पढ़ें →

दृष्टि की सृष्टि

यदि मन सकारात्मक, शांत और निर्मल होगा, तो हमें लोगों और परिस्थितियों में अच्छाई दिखाई देगी। यदि मन क्रोध, ईर्ष्या, भय या…

पढ़ें →

भ्रम और समझ

केवल बहुत सारी जानकारी होने से व्यक्ति के भ्रम या गलतफहमी दूर नहीं होती। भ्रम तब दूर होता है जब व्यक्ति में गहरी, व्यापक…

पढ़ें →

जीवन सत्य

सारभौमिक समझ, पैनी दृष्टि, बारीक परख. व्यापक सोच और शाश्वत विवेक आने के बाद किसी के आने या ना आने से फर्क नहीं पड़ता|…

पढ़ें →

पक्षपात और निष्पक्षता

अपनी पीड़ा को ही विशेष न समझें। बिना जाने किसी के दुःख का कारण उसके कर्मों को न मानें। दूसरों के प्रति सहानुभूति और करुण…

पढ़ें →

परिवर्तन : प्रकृति का नियम

परिवर्तन प्रकृति का नियम है। जो व्यक्ति समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही प्रगति करता है। कोई भी व्यक्ति आपको बदलने क…

पढ़ें →

आत्मनिर्भरता - जीवन सत्य

अपने लक्ष्य के लिए आत्मनिर्भर बनो और दूसरों पर अत्यधिक निर्भर मत रहो। हर व्यक्ति हर समय आपका साथ नहीं देगा। कई लोग परिस्…

पढ़ें →

आत्ममूल्यांकन और व्यावहारिकता

केवल अपने बारे में ऊँचा सोचना पर्याप्त नहीं है। यह भी ज़रूरी है कि आप स्वयं को सही ढंग से समझें, अपनी कमियों और योग्यताओ…

पढ़ें →